भारत के लिहाज से इस बार का पैरालंपिक कई मायनों में यादगार बन गया है. भारत ने इस बार ना केवल अपने सर्वकालिक रिकॉर्ड को तोड़ा बल्कि पदकों की संख्या के मामले में भी ऐतिहासिक प्रदर्शन किया.
टोक्यो पैरालंपिक के समाप्त होने के बाद चीन 96 स्वर्ण समेत कुल 207 पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर रहा. ग्रेट ब्रिटेन 41 स्वर्ण के साथ दूसरे स्थान पर जबकि अमेरिका 37 स्वर्ण के साथ तीसरे और रूस पैरालंपिक समिति 36 स्वर्ण के साथ चौथे स्थान पर रहा. भारत ने 5 स्वर्ण पदक के साथ 24वां स्थान हासिल किया.
भारत के लिहाज से इस बार का पैरालंपिक कई मायनों में यादगार बन गया है. भारत ने इस बार ना केवल अपने सर्वकालिक रिकॉर्ड को तोड़ा बल्कि पदकों की संख्या के मामले में भी ऐतिहासिक प्रदर्शन किया. भारत को इस बार रिकॉर्ड पांच स्वर्ण पदक समेत कुल 19 मेडल मिले. भारत ने इससे पहले साल 1972 से अब तक सभी पैरालंपिक खेलों में कुल मिलाकर 12 पदक जीते थे.
भारत का पदक तालिका में स्थान
टोक्यो पैरालंपिक में भारत पदक तालिका में 24वें स्थान पर रहा जो उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. भारत ने इस बार एथलेटिक्स में आठ, निशानेबाजी में पांच, बैडमिंटन में चार, टेबल टेनिस में एक और तीरंदाजी में एक पदक जीते है. इसके साथ ही भारत के खाते में पांच स्वर्ण, आठ रजत और छह कांस्य पदक आए.
चीन पहले स्थान पर
पदक तालिका में सर्वाधिक पदकों के साथ चीन 207 पदकों (96 गोल्ड, 60 सिल्वर और 51 ब्रॉन्ज) शीर्ष पर रहा. जबकि दूसरे व तीसरे नंबर पर क्रमशः ग्रेट ब्रिटेन (41 गोल्ड, 38 सिल्वर और 45 ब्रॉन्ज, कुल 124 पदक) और अमेरिका (37 गोल्ड, 36 सिल्वर और 31 ब्रॉन्ज, कुल 104 पदक) हैं.



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