गणेश चतुर्थी (गणेश उत्सव) त्योहार मनाने के लिए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राजधानीवासियों के लिए ताजा गाइडलाइन जारी की है.
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में गणेश चतुर्थी पर किसी सार्वजनिक कार्यक्रम को मंजूरी नहीं दी जाएगी. गणेश चतुर्थी (गणेश उत्सव) त्योहार मनाने के लिए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राजधानीवासियों के लिए ताजा गाइडलाइन जारी की है.
कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे और प्रभाव के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर गणेश चतुर्थी समारोह की अनुमति नहीं दी जाएगी. ऐसे में लोगों को गणेश चतुर्थी त्योहार घर पर ही मनाने की सलाह दी गई है. लोगों से कहा गया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए इस बार भी लोग अपने घरों और मंदिरों के अंदर ही गणपति विसर्जन करें.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा?
डीडीएमए भी सार्वजनिक स्थानों जैसे कि तालाबों और नदियों में मूर्ति विसर्जन पर पाबंदी लगा चुका है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी दिल्ली वासियों से अपील की है कि लोग अपने घरों में ही भगवान गणपति का विसर्जन करें. कोरोना के मद्देनजर इस बार भी दिल्ली में गणेश चतुर्थी पर लालबाग के राजा का दरबार नहीं सजेगा.
कारोबार इस बार भी प्रभावित
गौरतलब है कि कोरोना के कारण भगवान गणेश की मूर्ति तैयार करने वाले मूर्तिकारों का कारोबार इस बार भी प्रभावित हो गया है. इस साल भी मूर्तियों की बिक्री न होने से मूर्तिकार चिंतित हैं. गौरतलब है कि इस बार 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी मनाई जानी है.
डीडीएमए की ओर से जारी किए गए आदेश
डीडीएमए की ओर से जारी किए गए आदेश में 30 अगस्त को भी साफ और स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सभी सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक और फेस्टिवल से जुड़ी हुई आयोजन में लोगों की भीड़ आदि करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है. साथ ही सभी धार्मिक स्थानों पर लोगों के आवागमन की भी अनुमति नहीं दी गई थी.
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सावधानी
दिल्ली सरकार का ये फैसला कोरोना वायरस की तीसरी लहर को लेकर सावधानी के तौर पर लिया गया है. हालांकि दिल्ली में कोरोना के मामलों में तेजी से कमी देखने को मिल रही है, लेकिन फिर सरकार किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती.



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